नियोग्रोथ ने 3 वर्षों में छोटे कारोबारियों का टर्नओवर दोगुना करने का लक्ष्‍य बनाया

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नियोग्रोथ ने 3 वर्षों में छोटे कारोबारियों का टर्नओवर दोगुना करने का लक्ष्‍य बनाया

नई दिल्ली: नियोग्रोथ क्रेडिट प्राइवेट लिमिटेड, जो भारत में लघु और मध्‍यम पैमाने के उद्यमों (एसएमई) को ऋण देने में अग्रणी है, ने हाल ही में डिजिबिज लॉन्‍च किया। डिजिबिज, छोटे व्यवसायों को डिजिटल रूप से तैयार करने में सहायता प्रदान करने वाला एक समग्र प्‍लेटफॉर्म है। कंपनी का लक्ष्‍य, व्‍यावसायिक समाधान प्रदाताओं के जरिए सर्वोत्‍तम कोटि के डिजिटल समाधान उपलब्‍ध कराते हुए 3 वर्षों में 2 लाख से अधिक एसएमई को उनका टर्नओवर दोगुना करने में सहायता करना है।

महामारी के दौरान कराये गये एक शोध अध्‍ययन में यह पाया गया कि छोटे व्यवसायों को बड़े ब्रांड्स और शॉपिंग एप्‍स एवं पोर्टल्‍स से मिल रही कड़ी प्रतिस्‍पर्द्धा का सामना करने के लिए उनकी पेशकशों को डिजिटल रूप देना होगा और अध्‍ययन के इसी निष्‍कर्ष के आधार पर, इस प्लेटफॉर्म की परिकल्‍पना की गयी।

कंपनी का उद्देश्‍य डिजिबिज के जरिए परामर्श एवं तकनीकी समाधान उपलब्‍ध कराना है जिससे छोटे व्‍यवसायों को आगे बढ़ने और लाभकर बनने में मदद मिल सके। एक त्‍वरित विश्‍लेषण के बाद रिटेलर्स और रेस्टॉरेंट्स, कपड़े की दुकान (अपैरल शॉप्‍स), किराना दुकान, पेट्रोल पंप, ग्रोसरी, फार्मेसी जैसे व्‍यवसाय से जुड़े बिजनेस ओनर्स व अन्‍य एमएसएमई को आवश्‍यकतानुरूप समाधान प्रदान किया जायेगा। यह डिजिबिज, डिजिट-ओ-मीटर स्‍मार्ट विश्‍लेषण के जरिए छोटे कारोबारियों के पास चिह्नित किये गये अभावों के आधार पर वित्‍तीय, अवित्‍तीय, या फिर मिश्रित रूप से दोनों हो सकता है।

नियोग्रोथ क्रेडिट प्राइवेट लिमिटेड के संस्‍थापक और प्रबंध निदेशक पियुष खेतान ने बताया, ”नियोग्रोथ ने हमारे लोन्‍स के जरिए पहली पीढ़ी के उद्यमियों को ऋण प्रदान करके, महिला उद्यमियों को सहायता प्रदान करके, और हमारे ग्राहकों को उनके द्वारा रोजगार सृजन करने एवं क्रेडिट स्‍कोर्स बेहतर बनाने में मदद देकर समाज पर सकारात्‍मक प्रभाव डालने पर हमेशा से जोर दिया है।”

खेतान ने बताया, ”कोविड के बाद से ई-कॉमर्स, ऑनलाइन बिल भुगतान एवं ई-ग्रोसरीज के बढ़ते चलन को ध्‍यान में रखते हुए, हमारा डिजिबिज प्‍लेटफॉर्म ग्राहकों के लिए अधिक उपयोगी साबित होगा। डिजिबिज हमारे द्वारा शुरू किया गया एक प्रयास है ताकि छोटे व्‍यवसायों को उनमें बदलाव लाने और नये नॉर्मल में कारोबार को बढ़ाने में डिजिटल तरीके से मदद की जा सके। डिजिबिज और तरह-तरह की अन्‍य पेशकशों के साथ, हमारा लक्ष्‍य वित्‍त वर्ष’22 तक हमारी प्रबंधनाधीन परिसंपत्ति (एयूएम) को 2,000 करोड़ रु. तक पहुंचाना है।”

अद्वैत मेडिकल और जनरल स्‍टोर, मुंबई की ओनर, रेशमा देवकर, जो इस प्‍लेटफॉर्म के प्रथम ग्राहकों में से एक हैं, ने कहा, ”तेजी से बदल रहे फार्मा सेक्‍टर में, डिजिबिज ने सही समय पर मुझ जैसी महिला उद्यमी को मेरे बिजनेस को अपग्रेड करने में सहायता प्रदान की है। आज, नियोग्रोथ की मदद से मेरा व्‍यवसाय अगले स्‍तर तक पहुंच चुका है।”





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