जाते-जाते डोनाल्‍ड ट्रंप ने चीन के खिलाफ उठाया कड़ा कदम, दोनों देशों के बीच छिड़ सकता है…

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Photo:DONALD TRUMP@TWITTER

New York Stock Exchange Will Delist 3 Chinese Firms

न्‍यूयॉर्क। अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप द्वारा चीन की और 8 एप पर कारोबार प्रतिबंध लगाने के एक दिन बाद ही न्‍यूयॉर्क स्‍टॉक एक्‍सचेंज ने चीन की तीन सरकारी टेलीकॉम कंपनियों की सूचीबद्धता एक्‍सचेंज से रद्द करने का निर्णय लिया है। ट्रंप प्रशासन द्वारा भारी दबाव डाले जाने के बाद न्‍यूयॉर्क स्‍टॉक एक्‍सचेंज ने चाइना यूनीकॉम (China Unicom), चाइना टेलीकॉम (China Telecom) और चाइना मोबाइल (China Mobile) को एक्‍सचेंज से बाहर करने का निर्णय लिया है।

एक्‍सचेंज ने बुधवार को जारी अपने एक बयान में कहा कि वह अमेरिकी कानूनों का अनुपालन कर रहा है। उसने बताया कि ट्रेजरी डिपार्टमेंट के फॉरेन असेट कंट्रोल विभाग से उसे नए दिशा-निर्देश प्राप्‍त हुए हैं, जिनके अनुपालन में उसे चीन की तीन टेलीकॉम कंपनियों की सूचीबद्धता रद्द करने का निर्णय लेना पड़ा है।

एक्‍सचेंज के इस निर्णय से अमेरिका और चीन के बीच व्‍यापार युद्ध और तेज होने की आशंका है। रक्षा और गृह मंत्रालय ने भी ट्रंप के कार्यकारी आदेश को विस्‍तार देते हुए अमेरिकी नागरिकों को उन चीनी कंपनियों में निवेश करने से रोक दिया है, जो सीधे चीनी सेना के नियंत्रण में हैं।

ट्रंप ने आठ और चीनी एप के कारोबार पर लगाया प्रतिबंध  

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 200 से अधिक चीनी सॉफ्टवेयर ऐप पर प्रतिबंध लगाने के भारत के फैसले का हवाला देते हुए अलीपे और वीचैट पे सहित आठ चीनी एप के साथ लेनदेन पर प्रतिबंध लगा दिया। ट्रंप ने अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए इस आशय के एक कार्यकारी आदेश पर दस्तखत किए। ट्रंप ने अपने आदेश में कहा कि चीन में बनाए और नियंत्रित किए गए एप्‍स की व्यापक पहुंच के कारण राष्ट्रीय आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए इस कार्रवाई की जरूरत है।

जिन आठ चीनी एप पर प्रतिबंध लगाया गया है, उनमें अलीपे, कैमस्कैनर, क्यूक्यू, वीमेट, वीचैट पे और डब्ल्यूपीएस ऑफिस शामिल हैं। ये प्रतिबंध मंगलवार से 45 दिन में लागू हो जाएंगे। ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका में पहुंच की गति और व्यापकता के लिहाज से चीन द्वारा विकसित या नियंत्रित कुछ मोबाइल और डेस्कटॉप एप्लिकेशन और अन्य सॉफ्टवेयर राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए जोखिमपूर्ण हैं।

ट्रंप ने अपने कार्यकारी आदेश में कहा कि इस समय इन चीनी सॉफ्टवेयर एप द्वारा पैदा हुए खतरों को दूर करने के लिए कार्रवाई की जरूरत है। ट्रंप ने इससे पहले अगस्त में चीन के दो एप टिकटॉक और वीचैट पर प्रतिबंध लगा दिया था। ट्रंप ने कहा कि भारत ने 200 से अधिक चीनी सॉफ्टवेयर एप के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। अमेरिका का आकलन है कि चीन से जुड़े कई सॉफ्टवेयर एप स्वचालित रूप से अमेरिका के लाखों यूजर्स से संवेदनशील जानकारी हासिल कर सकते हैं, और इस डेटा तक चीन की सेना और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की पहुंच होती है। 





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