इंटेल ने पेश किया फेस रिकॉग्निशन सिस्टम: स्मार्ट डिवाइस के साथ काम करेगी ये तकनीक, चेहरा पहचानकर तुरंत करेगी अनलॉक

0
6


  • Hindi News
  • Tech auto
  • Intel RealSense ID Facial Recognition System Launched, Can Be Used With ATMs And Smart Locks

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

नई दिल्ली23 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
  • फोटो, वीडियो या मास्क की मदद से चीजों को अनलॉक नहीं किया जा सकेगा
  • साल के पहले क्वार्टर में भारत समेत कई देशों में इसकी बिक्री शुरू हो जाएगी

इंटेल ने रियलसेंस आईडी वाला फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम पेश किया है। ये यूजर के चेहरे को पहचानकर स्मार्ट डिवाइसेज की तुरंत अनलॉक कर देगा। इस तकनीक में एक्टिव डेप्थ सेंसर का इस्तेमाल किया गया है। कंपनी का दावा है कि ये तकनीक यूजर का चेहरा पहचानने में गलती नहीं करेगी। ये पूरी तरह सुरक्षित और सटीक है।

ये फेस आईडी सिस्टम कई डिवाइस के साथ काम करेगा। इससे स्मार्ट लॉक, एटीएम, गेट कंट्रोल जैसी कई चीजों को एक्सेस कर पाएंगे। साल के पहले क्वार्टर (मार्च तक) में इसकी बिक्री शुरू हो जाएगी। इसे भारत समेत कई देशों में बेचा जाएगा।

क्या है फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम?
ये बायोमेट्रिक सिस्टम है जो व्यक्ति की पहचान उसके चेहरे, आंखों, मुंह के कॉम्बिनेशन से करती है। इसमें चेहरे के सभी एलिमेंट खासकर आंखें और मुंह को रीड किया जाता है। फिर पहचान के लिए चेहरे की 3D इमेज बनाकर डेटाबेस में सेव की जाती है। इस तकनीक का आविष्कार अमेरिकी वैज्ञानिकों की टीम ने किया था। इसमें वूडी ब्लेडसोए, हेलेन चान वूल्फ और चाल्र्स बाइसन शामिल थे।

इंटेल रियलसेंस आईडी की कीमत और उपलब्धता
इंटेल रियलसेंस आईडी F455 पेरीफेरल की कीमत 99 डॉलर (करीब 7300 रुपए) होगी। वहीं, इंटेल रियलसेंस आईडी F450 मॉड्यूल 10-पैक में उपलब्ध होगी। इसकी कीमत 750 डॉलर (करीब 55,100 रुपए) होगी। इसका बुकिंग आज से ही कर सकते हैं। इसकी डिलिवरी मार्च के पहले सप्ताह में की जाएगी। कंपनी क्रेडिट कार्ड साइज वाले प्रोडक्ट का शिपिंग भारत और अन्य देशों में करेगी।

इंटेल रियलसेंस आईडी के फीचर्स

  • इंटेल रियलसेंस आईडी में दो कैमरा लेंस और सेंसर का इस्तेमाल किया गया है। ये चेहरे को डेप्थ तक कैप्चर करते हैं। इंटेल के अनुसार, ट्रेडिशनल ऑथेंटिकेशन तरीके से यूजर की आईडी के चोरी होने का खतरा रहता है। यही वजह है कि अब कंपनियां और लोग फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी अपना रहे हैं।
  • इस तकनीक में फोटो, वीडियो या मास्क की मदद से चीजों को अनलॉक नहीं किया जा सकेगी। इसके लिए कंपनी ने एंटी-स्पूफिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है। ये 10 लाख में से किसी एक चेहरे को मुख्य चेहरे की तरह मान सकती है।
  • कंपनी ने बताया है कि ये समय-समय पर यूजर के फेस में होने वाले चेंजेस को भी अडॉप्ट करती है। यानी चेहरे पर मूंछ या दाढ़ी का आाना। या फिर गॉगल का इस्तेमाल करना। या चेहरे पर कोई फिजिकल चेंजेस आना।
  • इंटेल ने बताया कि रियलसेंस आईडी में फेस रजिस्ट्रेशन की प्रोसेस बेहद आसान है। इसके लिए कोई नेटवर्क या दूसरा सेटअप भी जरूरी नहीं है। इस टेक्नोलॉजी में यूजर के फेस का डेटा पूरी तरह एन्क्रिप्टेड है।



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here