अर्थव्यवस्था के सतत पुनरुद्धार के लिये वृद्धि की रफ्तार तेज करने की जरूरत: RBI गवर्नर शक्तिकान्त दास

0
3


Photo:PTI

अर्थव्यवस्था के सतत पुनरुद्धार के लिये वृद्धि की रफ्तार तेज करने की जरूरत: RBI गवर्नर शक्तिकान्त दास

मुंबई: अर्थव्यवस्था के सतत पुनरुद्धार को मजबूत करने और तेजी से कोविड-19 के पूर्व के स्तर पर पहुंचने के लिए वृद्धि की रफ्तार को तेज करने की जरूरत है। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकान्त दास ने मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की पिछली बैठक में ब्याज दरों को यथावत रखने की वकालत करते हुए यह बात कही। बैठक के सोमवार को जारी ब्योरे से यह जानकारी मिली है। एमपीसी के सभी छह सदस्यों ने तीन फरवरी को शुरू हुई तीन दिन की बैठक में रेपो दर को चार प्रतिशत पर यथावत रखने के पक्ष में मत दिया। सभी सदस्यों ने इसके लिए समान कारण बताए। 

बैठक के ब्योरे के अनुसार, दास ने कहा, ‘‘हालांकि, वृद्धि अभी असमतल है, लेकिन यह रफ्तार पकड़ रही है। इसके अलावा देश में टीकाकरण कार्यक्रम शुरू होने के साथ परिदृश्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।’’ गवर्नर ने कहा, ‘‘अर्थव्यवस्था के सतत पुनरुद्धार के लिए वृद्धि की रफ्तार को और मजबूत करने की जरूरत है, जिससे उत्पादन को जल्द कोविड-19 के पूर्व के स्तर पर पहुंचाया जा सके।’’ 

पढ़ें- बाजार में बहुत बड़ी गिरावट ने निकले निवेशकों के आंसू! एक दिन में हुआ इतने लाख करोड़ रुपए का नुकसान

पढ़ें- खुशखबरी! यूपी वालों को पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के तहत होगा बड़ा फायदा, जानें कैसे

पढ़ें- 47 रुपए में 14 GB डेटा वाला सबसे सस्ता प्लान लॉन्च, अभी करें रिचार्ज

दास ने कहा कि मुद्रास्फीति में भारी गिरावट तथा निकट भविष्य के स्थिर परिदृश्य के मद्देनजर मौद्रिक नीति में नरम रुख जारी रखने की जरूरत है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि पुनरुद्धार व्यापक हो सके। रिजर्व बैंक ने पांच फरवरी को पिछली मौद्रिक समीक्षा बैठक में नीतिगत दरों में बदलाव नहीं किया था। इसके अलावा रिजर्व बैंक के गवर्नर की अगुवाई वाली मौद्रिक नीति समिति ने जब तक आवश्यक हो, नरम रुख को जारी रखने का फैसला किया था। 

पढ़ें- LPG Subsidy के पैसे अगर आपके अकाउंट में भी नहीं आ रहे तो करें यह काम

पढ़ें- PM Kisan Samman Nidhi Yojna की अगली किस्त जानें कबतक आएगी, लिस्ट में ऐसे चेक करें अपना नाम

पढ़ें- पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर फिर आई बड़ी खबर, खुद पेट्रोलियम मंत्री ने दी जानकारी

रिजर्व बैंक ने मध्यम अवधि में खुदरा मुद्रास्फीति को चार प्रतिशत (दो प्रतिशत ऊपर या नीचे) पर सीमित रखने का लक्ष्य रखा है। एमपीसी के अन्य सदस्यों में नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लायड इकनॉमिक रिसर्च के वरिष्ठ सलाहकार शशांक भिड़े, इंदिरा गांधी विकास अनुसंधान संस्थान-मुंबई की प्रोफेसर अशिमा गोयल, आईआईएम-अहमदाबाद के प्रोफेसर जयंत आर वर्मा, रिजर्व बैंक के कार्यकारी निदेशक मृदुल के सग्गर और रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर देवव्रत पात्रा शामिल हैं।

पढ़ें- खुशखबरी! किसान आंदोलन के बीच इन किसानों को सरकार ने दिए 1.23 लाख करोड़ रुपए

पढ़ें- पेट्रोल-डीजल के दाम कम करने को लेकर एक्शन में सरकार, इस बड़े मंत्री ने दिया बड़ा बयान

पढ़ें- 50 लीटर फ्री पेट्रोल-डीजल पाने का मौका, देखें ऑफर की पूरी डिटेल





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here